नई दिल्ली, जनवरी 7 -- जीडीपी सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं होता। इसका सीधा और अप्रत्यक्ष असर नौकरी, महंगाई, आमदनी, कर्ज, टैक्स और सरकारी सुविधाओं पर पड़ता है। 1. रोज़गार और नौकरी के मौके ऊंची जीडीपी ग्रोथ (7% या उससे ज्यादा) का मतलब है कि अर्थव्यवस्था में गतिविधियां तेज हैं। इससे नई नौकरियां बनती हैं, खासकर निर्माण, मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, आईटी और सर्विस सेक्टर में। कम ग्रोथ होने पर कंपनियां भर्ती रोकती हैं या छंटनी करती हैं। नौकरी मिलने की संभावना बढ़ती है, वेतन वृद्धि बेहतर हो सकती है। 2. महंगाई और खर्च तेज जीडीपी से मांग बढ़ती है, जिससे कभी-कभी महंगाई का दबाव भी आता है। अगर विकास दर संतुलित रहे, तो आपूर्ति बढ़ने से महंगाई काबू में रहती है। आम आदमी के लिए बहुत तेज विकास दर का मतलब महंगाई का खतरा होती है वहीं इसकी धीमी रफ्तार से आम...
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