नई दिल्ली, अप्रैल 2 -- नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का दुनिया भर की खाद्य सुरक्षा पर सीधा असर पड़ रहा है। आधुनिक कृषि के लिए उर्वरक और पेट्रोलियम अर्थव्यवस्था से गहराई से जुड़े हुए हैं। दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश भारत के लिए यह समस्या और भी बड़ी है। मौजूदा समय में खाद की कमी से बचने के लिए भारत को स्पॉट मार्केट (तत्काल नकद बाजार) से खरीदारी करनी होगी। पेश है रोशन किशोर और अभिषेक झा की रिपोर्ट। भारत की आयात पर निर्भरता ज्यादाआर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, 2024-25 में भारत ने 32.9 मिलियन टन खाद की खपत की, जिसमें से 8.8 मिलियन टन खाद आयात की गई थी। पोटाश आधारित खाद में आयात पर निर्भरता लगभग पूरी तरह से थी, जबकि नाइट्रोजन आधारित खाद में यह सबसे कम थी। दरअसल, नाइट्रोजन-आधारित खाद का उत्पादन भी आयात पर ही निर्भर है। ऐसी खाद बना...