लखनऊ, अप्रैल 9 -- असंतुलित जीवनशैली, कुपोषण और जागरूकता की कमी के चलते गर्भावस्था से जुड़ी जटिलताओं में तेजी से इजाफा हो रहा है। बदलते खानपान, तनाव और नियमित जांच की अनदेखी के कारण प्रसव के दौरान गंभीर स्थितियां सामने आ रही हैं। जो जच्चा-बच्चा के लिए खतरा बन सकती हैं। यह जानकारी लखनऊ ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटी की अध्यक्ष डॉ. प्रीति कुमार ने दी। गुरुवार को डॉ. प्रीति कुमार ने पत्रकार वार्ता में आर्ट ऑफ बर्थिंग कानक्लेव 2026 की जानकारी साझा की। डॉ. प्रीति कुमार ने कहा कि 10, 11 और 12 अप्रैल को कान्फ्रेंस होगी। इसमें भारत के अभावा अन्य देशों से डॉक्टर शिरकत करेंगी। कई मामलों में गर्भवती महिलाओं को समय पर सही सलाह और पोषण नहीं मिल पाता। जिससे एनीमिया, ब्लड प्रेशर और अन्य जटिलताएं बढ़ जाती हैं। इसका असर प्रसव के दौरान साफ दिखाई द...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.