बाढ़ व कटाव का दंश झेलते हैं कुर्साकांटा व सिकटी प्रखंड के लोग
अररिया, जुलाई 3 -- कुर्साकांटा, निज प्रतिनिधि नेपाल के तराई से निकलने वाली बकरा नदी अमूमन सरल रुप में बहती है। लेकिन बाढ़ आने पर इनका रौद्र रुप देखते बनता है। यंू तो बकरा नदी सम्पूर्ण जिलेवासी के लिए खौफजदा है। लेकिन कुर्साकांटा, सिकटी, पलासी व जोकीहाट प्रखंड के लोगों को ज्यादा प्रभावित करता है। इस कारण बकरा नदी किनारे बसे गांव वालों को प्रत्येक वर्ष दर्द व पीड़ा दे जाता है। आज भी दर्जनों परिवार बकरा नदी के कारण विस्थापित जीवन जीने को मजबूर होते हैं। वहीं दर्जनों गांव के हजारों परिवार आज भी विस्थापित हाने के मुहाने पर खड़ा है। स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है बकरा नदी के कटान से प्रत्येक वर्ष जहां सैकड़ों घर नदी में विलीन हो जाता है। यह भी पढ़ें- जिले का इतमादी, बलैठा व तेलिहार पंचायत 13 वर्षों से है कटाव के मुहाने पर वहीं दर्जनों ...
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