सीतामढ़ी, जुलाई 9 -- उत्तमचंद वर्मा सीतामढ़ी। मानसून के सक्रिय होते ही जिले के लोगों की नजर एक बार फिर बागमती समेत अन्य नदियों पर टिक गई है। वर्ष 2024 में बागमती नदी का तटबंध टूटने के बाद रुन्नीसैदपुर, बेलसंड और शिवहर जिले के तरियानी क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ की यादें आज भी लोगों के जेहन में ताजा हैं। देखते ही देखते पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया था। हजारों परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी थी और सड़क संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया था। ऐसे में इस वर्ष प्रशासन की तैयारियां, तटबंधों की स्थिति और बाढ़ प्रभावित इलाकों की व्यवस्था सबसे बड़ा सवाल बनी हुई है।तटबंधों की निगरानी, संवेदनशील स्थानों पर विशेष चौकसी : बागमती, लखनदेई, अधवारा समूह की नदियां और अन्य जलधाराओं के तटबंधों की नियमित निगरानी की जा रही है। जल संसाधन विभाग द्वारा संवेद...