इटावा औरैया, जून 8 -- सीएचसी अधीक्षक डॉ. विकास सचान ने बताया कि महिला गर्भावस्था के दौरान अस्पताल आई थी और उसे प्रसव पीड़ा हो रही थी। लेबर रूम में स्टाफ ने आरएल फ्लूड लगाया था। इसके कुछ समय बाद महिला के होंठ सूजने लगे, शरीर पर चकत्ते पड़ गए, घबराहट बढ़ गई और ब्लड प्रेशर भी कम होने लगा। सूचना मिलने पर उन्होंने खुद मरीज को देखा। प्रथम दृष्टया मामला दवा के रिएक्शन का प्रतीत हुआ, जिसके बाद महिला को गंभीर हालत में रेफर कर दिया गया। परिजनों ने बाह से इंजेक्शन मंगवाकर लगाने का आरोप लगाया गया है। मामले की नष्पिक्ष जांच कराई जाएगी। यह भी पढ़ें- गर्भवती महिला की मौत के बाद सीएचसी में हंगामा, बाहर से इंजेक्शन मंगवाकर लगाने का आरोप जांच में यह पाया जाता है कि बिना डॉक्टर सलाह के स्टाफ ने बाहर से इंजेक्शन मंगवाकर लगाया है तो संबंधित के खिलाफ कठोर कार्...