बाहर व्यवस्था चाक-चौबंद, झील के भीतर सुरक्षा कागजों में
गोरखपुर, जून 14 -- गोरखपुर, प्रमुख संवाददाता। रामगढ़झील में शुक्रवार को सातवीं कक्षा की छात्रा की कूदने के बाद मौत और शनिवार को मोहद्दीपुर निवासी रोहित साहनी का शव मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में है। हर दिन हजारों की संख्या में लोग यहां आते हैं। बाहर की सुरक्षा के लिए पुलिस चौकी है लेकिन आतंरिक सुरक्षा के इंतजाम सिर्फ कागजों में है।
सुरक्षा इंतजामों की कमी झील में कोई कूद जाए या फिर यहां संचालित होने वाली बोट से कोई झील में गिर जाए तो एसडीआरएफ या एनडीआरएफ कोई स्थाई तैनाती नहीं है। न ही प्रशिक्षित गोताखोर और जल पुलिस उपलब्ध है। कोई हेल्प डेस्क भी नहीं है जहां लोग मदद की गुहार लगा सके। तकरीब 1700 एकड़ में फैले रामगढ़झील में प्लेटफार्म नंबर एक, चार, पांच और छह से चलने वाली स्पीड मोटर बोटों पर चालक अक्सर स्टंट करते दिखते हैं...
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