मुजफ्फरपुर, अप्रैल 2 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। अधिकारियों की लेटलतीफी के कारण अनुसूचित जाति-जनजाति, पिछड़ा व अत्यंत पिछड़ा वर्ग के छात्रों की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति अटकी हुई है। अधिकारियों की टीम को राज्य से बाहर पढ़ रहे छात्रों के संस्थानों में जाकर जांच करनी थी, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो पाया है। जिलों में भी उप विकास आयुक्त (डीडीसी) के स्तर पर 18 हजार से अधिक आवेदन लंबित हैं। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने डीडीसी को लंबित आवेदनों की स्थिति जारी की है।सूबे में दो लाख से अधिक विद्यार्थियों को सत्र 2022-23, 2023-24, 2024-25 और 2025-26 की राशि नहीं मिली है। बीईओ को अलग-अलग राज्यों का जिम्मा देकर जांच करानी थी। बीईओ की कमी से अब तक न तो टीम बनी और न ही बाहर पढ़ रहे बच्चों और उनके संस्थानों की जांच हो पाई है। मुजफ्फरपुर जिले में हाल यह है कि...