लखनऊ, अप्रैल 14 -- केजीएमयू के नेत्र रोग विभाग में मरीज को बाहर की लेंस व 18 प्रकार की दवा लिखने की जांच शुरू हो गई है। चार सदस्यीय कमेटी ने आरोपों के आधार पर सुबूत जुटाने शुरू कर दिए हैं। शुरुआत जांच में दवा और लेंस को लेकर बड़ी कमीशनबाजी के सुराग मिले हैं। हालांकि अभी कमेटी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। लेकिन इस धंधे में डॉक्टर से लेकर स्टाफ तक की मिलीभगत की आशंका कमेटी के सदस्यों ने जाहिर की है। काकोरी स्थित जेहटा के बरावन कला निवासी गीता कश्यप को आंखों में परेशानी हुई। परिवारीजन पहले उन्हें लेकर बलरामपुर अस्पताल गए थे। वहां से मरीज को केजीएमयू नेत्र रोग विभाग रेफर किया गया। यहां आंखों का अल्ट्रासाउंड कराया था। परिवारीजनों का आरोप है कि मरीज की गलत आंख की जांच कर दी गई। कहने के बावजूद बीमारी वाली आंख की जांच नहीं गई। यही नहीं मरीज को बाहर...