दुमका, जून 15 -- जरमुंडी, प्रतिनिधि। बासुकीनाथ में आयोजित श्री राम कथा के अंतिम दिन शांतनु महाराज ने प्रभु श्री राम के अयोध्या आगमन और राम राज्याभिषेक के प्रसंग का वर्णन किया। इस दौरान भरत मिलाप का वर्णन करते हुए कहा कि 14 वर्ष के वनवास के बाद प्रभु श्री राम का अपने भाई भरत से भावुक मिलन हुआ। यह भी पढ़ें- वनवास की पीड़ा से रामराज्य की महिमा तक, कथा सुन भावविभोर हुए श्रद्धालुभावुक मिलन इस दौरान प्रभु श्रीराम के राज्याभिषेक का वर्णन करते हुए कहा कि अयोध्यावासियों के हर्षोल्लास के बीच प्रभु श्री राम का भव्य राजतिलक और रामराज्य की स्थापना हुई। कथा व्यास द्वारा रामायण की सीख को दैनिक जीवन में अपनाने का संदेश दिया गया। कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम स्वयं कहते हैं, जब लोक पर कोई विपत्ति आती है तब वह त्राण पाने के लिए मेरी अभ्यर्थना करत...