हमीरपुर, नवम्बर 22 -- भरुआ सुमेरपुर, संवाददाता। सूखे बुंदेलखंड में धान की बेशकीमती प्रजाति बासमती का रिकॉर्ड उत्पादन करने वाले किसान जिले में धान का बाजार नहीं होने से मायूस है। बाहर से आने वाले व्यापारियों को औने-पौने दामों में धान बेचकर नुकसान उठा रहे हैं। किसानों का कहना कि अगर एक अदद धान मिल स्थापित हो जाए, तो इसका लाभ किसानों को मिलने लगेगा। कभी बुंदेलखंड की पहचान सूखे क्षेत्र के रूप में होती थी। किसानों ने इस मिथक को तोड़ा और सूखी बुंदेली धरा पर धान की बेशकीमती बासमती प्रजाति 1121 एवं 1718 को उगाकर रिकॉर्ड उत्पादन किया है। लेकिन इस धान का बाजार जिले में नहीं है। बांदा, अतर्रा, बबेरू, खुरहंड से आने वाले धान व्यापारी औने-पौने दामों में बासमती धान खरीद रहे हैं। किसानों की मजबूरी है कि वह बाजार के अभाव में इसको कौड़ियों के भाव बेचकर नुकसा...
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