बासमती चावल के निर्यात में आ रही चुनौतियां होंगी दूर
फर्रुखाबाद कन्नौज, अगस्त 27 -- फर्रुखाबाद, संवाददाता।जनपद में बासमती धान की खेती बहुतायत में होने के बाद भी किसानों को उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। इसकी बड़ी वजह निर्यात में आ रही बाधा है। क्योंकि यूरोपीय और यूएसए, खाड़ी जैसे देशों ने कीटनाशकों के अधिकतम प्रयोग होने की वजह से मानक तय कर रखे हैं। यही वजह है कि यहां का बासमती मानक पर खरा नहीं उतर रहा है। कृ़षि विभाग की ओर से निर्यात में बासमती धान को लेकर जो समस्या उत्पन्न हो रही है उसको दूर करने के लिए एहतियातन कदम उठा दिये हैं। इसके तहत बासमती चावल में प्रयोग होने वाले 11 कीटनाशी दवाओं को 60 दिनों की अवधि के लिए बैन कर दिया गया है। जनपद में बासमती धान की खेती 25332 हेक्टेयर में होती है। कृषि विभाग का प्रयास है कि जनपद में जो किसान बासमती धान की खेती कर रहे हैं उन्हें बाजिव मूल्य मि...
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