सहरसा, जून 14 -- कहरा। बरियाही-सुपौल मुख्य मार्ग के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजा निर्धारण में अनियमितता का मामला सामने आया है। वार्ड संख्या 8 निवासी बिमल कामत ने आरोप लगाया है कि भू-अर्जन अमीन की लापरवाही के कारण खेसरा संख्या 7954 सहित आसपास की बासडीह भूमि को कृषि भूमि की श्रेणी में दर्ज कर दिया गया। उन्होंने बताया कि उक्त भूमि पर वर्षों से दर्जनों परिवार बसे हुए हैं तथा कई लोगों के इंदिरा आवास भी बने हैं। बावजूद भूमि का वर्गीकरण गलत किए जाने से प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा मिलने में परेशानी हो रही है। लोगों ने न्यायोचित कार्रवाई की मांग की है।

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