रांची, जुलाई 18 -- खूंटी, संवाददाता। यदि किसी मामले में आरोपी स्वयं किशोर हो, तो पुलिस को पॉक्सो और किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों का संवेदनशीलता के साथ पालन करना चाहिए। यह बात पॉक्सो के विशेष न्यायाधीश राकेश कुमार मिश्रा ने शनिवार को जिला स्तरीय परामर्श-सह-कार्यशाला में कही। नालसा और झालसा के निर्देश तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डीएलएसए अध्यक्ष रसिकेश कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यशाला में पॉक्सो अधिनियम और किशोर न्याय अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने बाल पीड़ितों के बयान, समयबद्ध चिकित्सीय परीक्षण और साक्ष्य संरक्षण के महत्व पर भी जोर दिया। कार्यशाला में अनुसंधान की चुनौतियों, बाल पीड़ितों को समय पर बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत करने तथा पुलिस, न्यायालय और बाल संरक्षण ...