मुजफ्फरपुर, अप्रैल 18 -- मुजफ्फरपुर। प्रमुख संवाददाता अक्षय तृतीया से मांगलिक कार्यों का प्रारंभ शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन बिना पंचांग देखे कोई भी मांगलिक कार्य संपन्न कराए जा सकते हैं। यही कारण है कि इस अवसर पर बड़े पैमाने पर शादी-विवाह का आयोजन किया जाता है। परंपरा की आड़ में बाल विवाह की भी आशंका बनी रहती है। इसी को लेकर प्रशासनिक स्तर पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिये गए हैं।बाल विवाह रोकने के लिए दो हफ्ते से स्कूल नहीं आ रहे बच्चों पर नजर रखी जाएगी। विद्यालय नहीं आ रहे बच्चों के घर जाकर शिक्षक पता लगाएंगे। शिक्षक यह जानकारी जुटाएंगे कि इसके पीछे की वजह क्या है। यह भी पढ़ें- बाल विवाह रोकथाम को लेकर कार्यशाला का आयोजन खासकर स्कूल नहीं आने वालीं बच्चियों के बारे में पता लगाएंगे कि आखिर वह स्कूल क्यों नहीं आ रही हैं। इसके ब...
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