चंदौली, अप्रैल 12 -- चंदौली, संवाददाता। डीएम चंद्रमोहन गर्ग के निर्देशानुसार जिले में बाल विवाह रोकथाम को लेकर हर स्तर से प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत लोगों को जागरूक करने के साथ ही हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी जा रही है।जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रभात कुमार ने बताया कि भारत में बाल विवाह एक गैरकानूनी और सामाजिक कुरीति है। इसके बाद भी समाज के कुछ लोगों की ओर से बालक एवं बालिका का विवाह 21 और 18 वर्ष से कम होने पर ही कर दिया जाता है। प्राय: इस तरह का विवाह अक्षय तृतीया पर होते हैं। यह कानूनन अपराध है और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत कड़ी सजा और जुर्माने का प्रावधान है। इसमें दो वर्ष की सजा अथवा दस हजार रुपये का जुर्माना या दोनों हो सकता है। बाल विवाह बच्चों के स्वास्थ्य और मानवाधिकारों का उल्लंघन करता है। कहा कि इस वर्ष अक्षय त...