जौनपुर, फरवरी 28 -- सिंगरामऊ, हिन्दुस्तान संवाद। बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर रोक लगाने के उद्देश्य से ठाकुरवाणी महिला विकास कल्याण समिति की ओर से शनिवार को कस्बा स्थित गौरीशंकर मंदिर पर जागरूकता अभियान चलाया गया। मुख्य अतिथि डीपीओ विजय पांडेय ने बताया कि इस अधिनियम के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु की लड़की और 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह अवैध माना जाता है। भारत सरकार की ओर से लागू 'बाल विवाह निषेद अधिनियम 2006' एक नवम्बर 2007 से लागू है। इस कानून के क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकारों द्वारा बाल विवाह निषेद अधिकारी( सीएमपीओ) नियुक्त किए जाते हैं। जिन्हें बाल विवाह रोकने के लिए विशेष शक्तियां प्राप्त हैं। मुख्य अतिथि ने आगे बताया कि बाल विवाह संपन्न कराने, बढ़ावा देने या अनुमति देने वाले पर समान रूप से दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। इस अधि...
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