रायबरेली, फरवरी 9 -- रायबरेली, संवाददाता। महिला कल्याण विभाग की टीम द्वारा बाल विवाह मुक्त भारत 100 दिवसीय अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। महिला कल्याण विभाग द्वारा सभी को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के विषय में विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए हुए बताया कि बाल विवाह करने से बच्चों का शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास पूर्णतया नहीं हो पता है। जिससे बालक एवं बालिकाओं का पूरा जीवन अंधकारमय बीतता है। बाल विवाह बच्चों का बचपन छीन लेता है और उनकी खुशहाली को खतरे में डाल देता है। 18 साल से कम उम्र में शादी करने वाली लड़कियों के घरेलू हिंसा का शिकार होने की संभावना ज्यादा होती है और उनके स्कूल में बने रहने की संभावना भी कम होती है। बाल विवाह करना एक कानूनी अपराध है। यदि कोई भी व्यक्ति बाल विवाह करता है तब उसको एक लाख रुपए जुर...