मैनपुरी, मई 9 -- क्षेत्र के ग्राम डवाह स्थित गमा देवी मंदिर में जारी श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथा व्यास शास्त्री रंगोली बघेल महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि कैसे नन्हे कान्हा ने जहरीला दूध पिलाने आई राक्षसी पूतना का वध कर उसका उद्धार किया। गोवर्धन पूजा का प्रसंग सुनाते हुए शास्त्री जी ने कहा कि जब इंद्र के अहंकार के कारण ब्रज पर भारी वर्षा हुई, तब श्री कृष्ण ने अपनी कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर जनमानस की रक्षा की। इस मौके पर भगवान को छप्पन भोग लगाया गया और पूरा पंडाल गिरिराज महाराज की जय के जयकारों से गूंज उठा। इस मौके पर अच्छेलाल पाल, रामसेवक, रामभरोसेलाल, सियाराम, लज्जाराम पाल, सतेंद्र पाल, सूबेदार, महेंद्र आदि मौजूद रहे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट...