वाराणसी, जून 22 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। पीजीआई चंडीगढ़ के प्रो. जोसेफ मैथ्यू ने बच्चों में श्वसन संक्रमण पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि निमोनिया के इलाज में एंटीबायोटिक दवाओं के प्रति बढ़ता प्रतिरोध (ड्रग रेजिस्टेंस) चिंता का विषय है। देश-विदेश में बच्चों की मौत में यह बीमारी प्रमुख संक्रामक कारण है। वर्ष 2023 में अध्ययन किया गया। इसमें वैश्विक स्तर पर हर छठवां बैक्टीरियल संक्रमित बच्चा एंटीबायोटिक दवा के प्रति प्रतिरोधी पाया गया। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की रिपोर्ट में भी निमोनिया और अन्य गंभीर संक्रमण पैदा करने वाले जीवाणुओं में कई सामान्य एंटीबायोटिक दवाओं के प्रति प्रतिरोध बढ़ने की पुष्टि हुई। डॉ. के. चुग ने इनहेलर को लेकर भ्रांति दूर करने पर जोर दिया। यह भी पढ़ें- अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स, दिल...