लखनऊ, मई 10 -- प्रेस क्लब में नीलम राकेश की चार कृतियों का विमोचन रविवार को हुआ। कार्यक्रम का आरंभ अलका अस्थाना की स्वरचित वाणी वंदना से हुआ। जिसे उन्होंने स्वयं ही स्वर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सूर्यकुमार पांडेय ने कहा कि नीलम राकेश की रचनाएं बच्चों के मन के बहुत करीब होती हैं। उनकी चार किताबों का एक साथ आना किसी उपहार से कम नहीं है। मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. विद्या बिंदु सिंह ने कहा नीलम राकेश जैसी वरिष्ठ साहित्यकार की लेखनी से निकलकर चार कृतियों का बाल साहित्य जगत को समृद्ध करना एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक घटना है। साहित्यकार डॉ. अमिता दुबे ने कहा कि लेखिका लोकार्पित चारों कृतियां महत्वपूर्ण हैं। किंतु चित्रकथा दुनिया रंग-बिरंगी देख कर मेरा मन अत्यंत प्रसन्न है क्योंकि चित्रकथा की नन्हे मुन्ने बच्चों के लि...