रांची, जुलाई 29 -- रांची। अपर न्यायायुक्त-5 शैलेंद्र कुमार की अदालत ने बाल पोषाहार मामले में राज्य सरकार की अपील खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट द्वारा विपुल भगत और देवी साहू को दी गई बरी करने की राहत बरकरार रखी है। आरोप था कि 21 अप्रैल 2017 को सीडीपीओ कार्यालय से 20 बोरा बाल पोषाहार ऑटो से ले जाया जा रहा था। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि अभियोजन का एक गवाह पक्षद्रोही हो गया, जब्ती गवाह ने जब्ती की पुष्टि नहीं की, जबकि सूचक ने भी यह नहीं देखा कि ऑटो में क्या लादा गया था। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि मामले के आईओ और ऑटो चालक, जिसके कथन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी। दोनों को गवाही के लिए पेश नहीं किया गया।

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