शाहजहांपुर, नवम्बर 13 -- फोटो सिंगल-सिंगल:::नोट: जरूरत पर बच्चों की ग्रुप तस्वीर मिल सकती है। शाहजहांपुर, वरिष्ठ संवाददाता। बाल दिवस पर जहां स्कूलों में आज कार्यक्रमों की रौनक होगी, वहीं बच्चों का असली बचपन तेजी से सिमटता जा रहा है। शहर के मोहल्लों और कॉलोनियों में बच्चों के खेलने की आवाजें अब कम सुनाई देती हैं। क्रिकेट-बैडमिंटन की जगह मोबाइल गेम्स और रील्स ने ले ली है। विशेषज्ञों का कहना है कि शारीरिक गतिविधियां घटने से बच्चों में मोटापा, आंखों की कमजोरी और चिड़चिड़ापन बढ़ रहा है। शहर के कई इलाकों में बच्चों के लिए खेलने की जगह अब बहुत कम बची है। हर खाली ज़मीन पर मकान या दुकान बन चुके हैं। शहर में हॉकी क्लब का अभी जीर्णोद्वार होना है। रोजा में स्टेडियम का भी निर्माण पूरा नहीं हुआ है। एक खेल मैदान जीएफ कॉलेज का है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अभ...