नई दिल्ली, जून 18 -- शिवसेना से शिवसेना UBT बन चुकी उद्धव ठाकरे की पार्टी अब फिर टूटने की कगार पर है। इस बार एक साथ 6 सांसद नाता तोड़ डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के साथ जा सकते हैं। इसके साथ ही साल 2022 में हुई पार्टी में सबसे बड़ी फूट की यादें ताजा कर दी हैं। हालांकि, इतिहास बताता है कि यह दल 4 बार टूट का सामना कर चुका है। आइए 70 के दशक से लेकर 2026 तक की कहानी जानते हैं।सबसे पहली टूट 70 के दशक में कहा जाता है कि शिवसेना के दिवंगत संस्थापक बाल ठाकरे और मुंबई के एक नेता बंदू शिंगरे के बीच तनाव हुआ था, जिसके बाद शिंगरे ने एक दल खड़ा किया था। हालांकि, प्रति शिव सेना नाम से बनी यह पार्टी खास असर नहीं छोड़ पाई थी।जब छगन भुजबल गए दिसंबर 1991 की बात है। तब पार्टी की कमान बाल ठाकरे के हाथ में ही थी और वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने फूट का मन बना लिया था। ...