मिर्जापुर, सितम्बर 29 -- लालगंज,हिन्दुस्तान संवाद। नाबालिगों से जुड़े यौन अपराध के मामलों में आपसी सहमति भी कानूनी कार्रवाई से बचाव का आधार नहीं बनती। 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को पॉक्सो अधिनियम के तहत विशेष संरक्षण प्राप्त है। ग्राम न्यायालय के न्यायाधीश सुमित कुमार यादव ने मंगलवार को बापू उपरौध इंटर कॉलेज में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में छात्रों को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पॉक्सो अधिनियम बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण देने के लिए बनाया गया है। बाल विवाह भी कानूनन प्रतिबंधित है। निर्धारित आयु से पहले विवाह कराने या उसमें सहयोग करने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। यह भी पढ़ें- पाक्सो एक्ट के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक किया उन्होंने विद्यार्थियों को छेड़खानी और पीछा करने जैसी घटनाओं के प्र...