बलिया, मार्च 13 -- बलिया, संवाददाता। पुराने और नये भवनों में संचालित होने वाले जिला अस्पताल में आग से बचाव के इंतजाम नाकाफी है। अस्पताल में लगे संसाधन खराब पड़े हैं। कुछ तो जर्जर होकर करीब-करीब समाप्त होने के कगार पर हैं। ऐसे में दुर्भाग्य से कोई हादसा हुआ तो अस्पताल प्रशासन के पास प्रारम्भिक बचाव का भी कोई जरिया नहीं है। कहने को आग लगने पर तत्कालिक बचाव के लिए बालू भरी बाल्टी रखी जाती है। बाल्टी तो है लेकिन उसमें बालू की जगह कचरा भरा है। इसी प्रकार फायर एक्सटिंग्विशर की एक्सपायर वाली डेट ही मिटा दी गई है। चार हिस्सों में बंटे पुराने अस्पताल भवन में कार्यालय, उसी परिसर में इमरजेंसी और ट्रामा सेंटर तथा कुछ दूरी पर नये अस्पताल भवन का संचालन होता है। करीब 23 साल पहले वर्ष 2003 में तीन मंजिला नये अस्पताल भवन का संचालन शुरु हुआ। इसमें भू-तल पर...
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