नई दिल्ली, मार्च 30 -- नेपाल में 'जेन-जी' आंदोलन के बाद गठित बालेन शाह के नेतृत्व वाली सरकार सिर्फ नेपाल या उप-महाद्वीप के लिए नहीं, बल्कि तीसरी दुनिया के सभी देशों के लिए एक मिसाल बनकर उभरी है। ये ऐसे देश हैं, जिनको अविकसित कहा जाता है और जहां की आबादी भी तुलनात्मक रूप से अधिक है। अगर इस सरकार की सक्रियता इसी तरह बनी रही और सही दिशा में काम करती रही, तो निश्चय ही तमाम देशों में जेन-जी की उम्मीदों को नए पंख लग जाएंगे। नए प्रधानमंत्री बालेन शाह ने शपथ लेने के कुछ ही घंटों के बाद पूर्व प्रधानमंत्री व नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के नेता केपी शर्मा 'ओली' व पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को गिरफ्तार करा लिया। ये गिरफ्तारियां बीते साल सितंबर में हुए जेन-जी विरोध-प्रदर्शनों के दौरान दर्जनों लोगों की मौत से संबंधित मामले में हुई हैं। वैसे, इस उप-महाद्वीप...
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