नई दिल्ली, अगस्त 19 -- भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ नेपाल के तीन दिन के दौरे पर हैं, लेकिन इस यात्रा के बीच भारत और नेपाल के सैन्य रिश्तों से जुड़ा एक पुराना विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। मामला है भारतीय सेना में नेपाली युवाओं की भर्ती का, जो 'अग्निपथ योजना' लागू होने के बाद से अटकी हुई है। नेपाल के पूर्व गोरखा सैनिकों ने अब अपनी ही सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। पोखरा में हुई पूर्व सैनिकों की एक रैली में तो पूर्व गोरखा जवानों का दर्द और गुस्सा साफ दिखाई दिया। उन्होंने काठमांडू की बालेंद्र 'बालेन' शाह सरकार से सीधा सवाल किया, "खाड़ी देशों में जाकर अनिश्चितता और कठिन परिस्थितियों में मजदूरी करने से तो कहीं बेहतर है कि हमारे युवा भारतीय सेना में अग्निवीर बनें।" यह भी पढ़ें- नेपाल में बढ़ी हलचल, PM ने नियम तोड़कर की भारत...