नई दिल्ली, फरवरी 24 -- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के हालिया मिशनों में आई तकनीकी बाधाओं और विफलता की खबरों ने देश के सुरक्षा गलियारों में हलचल तेज कर दी है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के हालिया इसरो दौरे के बाद अब इस पूरे मामले में एक नया मोड़ आता दिख रहा है। इसकी जांच के लिए एक कमेटी बनाई है। पूर्व प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के. विजयराघवन और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ को शामिल करते हुए इस विशेष समिति का गठन किया गया है। यह समिति इसरो के ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान यानी PSLV की लगातार विफलताओं के पीछे के 'प्रणालीगत मुद्दों' और संगठनात्मक समस्याओं की जांच करेगी।हालिया विफलताएं जिनका होगा विश्लेषणPSLV-C62 (12 जनवरी, 2026): यह मिशन 16 सैटेलाइट को कक्षा में स्थापित करने में विफल...