चम्पावत, दिसम्बर 17 -- चम्पावत। जिले में दो माह से अधिक का समय बीतने के बाद भी बारिश नहीं हुई है। इस साल आखिरी बार नौ अक्तूबर को बारिश हुई थी। जल्द बारिश न होने से फसलों पर विपरीत असर पड़ने की संभावना है। चम्पावत जिले में 15347 हेक्टेयर क्षेत्र में खेती होती है। सिंचाई की सुविधा महज 2600 हेक्टेयर क्षेत्र में उपलब्ध है। काश्तकार विक्रम भंडारी, तारा दत्त पंगरिया, कैलाश सिंह, नवीन चंद्र पंगरिया आदि का कहना है कि गेहूं, जौ, लहसुन, प्याज के पौध पीले पड़ गए हैं।
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