प्रयागराज, जुलाई 6 -- प्रयागराज। मानसून की दस्तक के बावजूद प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर पिछले छह वर्षों में जुलाई के पहले सप्ताह में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। जलस्तर बेहद कम होने से स्थिति ऐसी हो गई है कि गंगा की चौड़ी पेटी रेत के विशाल मैदान में तब्दील हो गई है, जबकि यमुना के तट भी तेजी से सूख रहे हैं।

जलस्तर में कमी के प्रभाव गंगा किनारे दूर-दूर तक दिखाई दे रही रेत रेगिस्तान का अहसास करा रही है। जलस्तर घटने से संगम क्षेत्र का भूगोल भी बदलता नजर आ रहा है। गंगा के बीचोंबीच बड़े-बड़े रेतीले टापू उभर आए हैं। कई स्थानों पर पानी की मुख्य धारा काफी संकरी हो गई है, जबकि यमुना के किनारों पर भी पानी पीछे हटने से चौड़े रेतीले तट दिखाई देने लगे हैं। कानपुर बैराज से गंगा में छोड़े जा रहे सीमित पानी ने चिंता बढ़ा दी है। बैराज से कभी न्य...