लखनऊ, जून 27 -- अतुल वर्मा, बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के देवा ब्लॉक के मुज्जफरमऊ गाँव में एक खामोश क्रांति पल रही है। वे महिलाएँ जो कभी घर की चारदीवारी तक सीमित थीं, आज अपने हुनर और हौसले से देश के बड़े शहरों तक अपने जूट उत्पाद पहुँचा रही हैं। इस बदलाव की सबसे बड़ी प्रेरणास्रोत हैं शीला देवी, जो एक साधारण गृहिणी से उठकर आज 150 महिलाओं की आजीविका की धुरी बन चुकी हैं। कर्ज से की शुरुआत, आज हैं कंपनी की मालकिन यह भी पढ़ें- जिले में कुल 26 हजार एमएमएमई में हैं रजिस्टर्डमहिलाओं की सफलता की कहानी वर्ष 2019 से पहले शीला देवी की दुनिया घर के काम-काज तक ही सीमित थी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ने के बाद उनकी जिंदगी ने नई करवट ली। ग्रामीण बैंक से छोटा-सा कर्ज लेकर वे एक स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं। धीरे-धीरे मेहनत और लगन के ...