चाईबासा, जून 15 -- गुवा । सेल प्रबंधन द्वारा बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली को लागू करने की पहल अब बड़े औद्योगिक टकराव का रूप लेती दिख रही है। सोमवार को 15 जून की प्रथम पाली से किरीबुरू, मेघाहातुबुरु, गुवा और चिड़िया लौह अयस्क खदानों में हजारों श्रमिकों ने बायोमेट्रिक के माध्यम से हाजिरी दर्ज करने से इनकार कर दिया, जिसके चलते उत्पादन, लोडिंग, परिवहन और अन्य खनन गतिविधियां लगभग पूरी तरह ठप हो गईं। श्रमिकों का आरोप है कि जब वे पूर्व व्यवस्था के तहत पंचिंग कार्ड से उपस्थिति दर्ज कराने टाइम ऑफिस पहुंचे तो वहां न पंचिंग कार्ड उपलब्ध थे, न रजिस्टर और न ही टाइम कीपर मौजूद थे। उनका कहना है कि पुरानी व्यवस्था को बिना पूर्व सहमति और स्पष्ट आदेश के अचानक समाप्त कर दिया गया, जिससे वे हाजिरी दर्ज किए बिना कार्यस्थल पर नहीं जा सकते थे। खदान क्षेत्रों में...