देहरादून, सितम्बर 8 -- पतंजलि योगपीठ के आचार्य और बाबा रामदेव के सहयोगी बालकृष्ण को फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र और पासपोर्ट मामले में कोर्ट ने बरी कर दिया है। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीबीआई) संदीप सिंह भंडारी की अदालत ने मामले में फैसला दिया। मामले में उनके साथ सह आरोपी नरेश चंद्र द्विवेदी भी थे। सीबीआई की विशेष अदालत ने दोनों को बरी कर दिया है। करीब 15 साल चले मामले में आरोप अदालत में साबित नहीं हो सके। मामला तत्कालीन अखिल भारतीय संत समिति के अध्यक्ष की ओर से राष्ट्रपति को दी गई शिकायत से शुरू हुआ था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि बालकृष्ण नेपाल के मूल नागरिक हैं और उन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट हासिल किया। यह भी पढ़ें- देहरादून की हवा साफ, 7 पायदान की छलांग, ऋषिकेश-काशीपुर पिछड़े; जानें- रैंकिंग2011 में सीबीआई न...