कानपुर, जून 18 -- कानपुर वरिष्ठ संवाददाता दूसरी मोहर्रम को 158 वर्ष पुराना बाबा बदर अली का अलम जुलूस शान ओ शौकत के साथ बिसातियों के कब्रिस्तान चुन्नीगंज से निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की। यह जुलूस कदीमी रास्तों से गश्त करता हुआ देर रात वापस बिसाती कब्रिस्तान के सामने समाप्त हुआ। उधर, शहर में अनेक स्थानों पर हुई मजलिसों में कर्बला के शहीदों को याद किया गया।जुलूस में दर्जनों अलम के साथ काले झंडे भी थे। ऊंट और घोड़े मोहर्रमी रंगों से सजे चल रहे थे। यहां हाजी उस्मान, जाहिद उस्मान, साकिब अली मौजूद थे। उधर, जाजमऊ मस्जिद अल्लाह हो अकबर में मजलिस हुई जिसे मौलाना सैयद अज़हर अब्बास ने कर्बला का ऐतिहासिक मंजर 'दुश्मन के प्यासे लश्कर को पानी पिलाना ही इस्लाम है' विषय पर बयान किया। यह भी पढ़ें- इमाम हुसैन का जिक्र और मजलि...