लखीमपुरखीरी, अक्टूबर 12 -- चीनी का कटोरा कहे जाने वाले खीरी जिले में केले की फसल ने अपनी मजबूत जगह बना ली थी। करीब 25000 हेक्टेयर जमीन पर परम्परागत खेती को छोड़ किसान केले की खेती करने लगे थे। जिले में करीब 2000 करोड़ रुपये तक का केले का व्यापार होता था। तराई बेल्ट के खीरी जिले में उपजे केले की सप्लाई दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार और मध्य प्रदेश सहित नेपाल व बांग्लादेश तक होती रही। हालांकि इस साल केले का कोई भाव नहीं रह गया। पिछले साल त्योहारी सीजन में जहां केले का भाव 3000 रुपए प्रति क्विंटल था। वहीं, इस साल यह भाव घटकर 200 रुपए प्रति क्विंटल से भी कम पर आ गया। आर्थिक नुकसान देख किसान केले की फसल को जोतकर या काट कर नष्ट करने लगे हैं। तराई इलाके के खीरी जिले में गन्ना मूल्य भुगतान समय पर न होने की वजह से तंग किसा...
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