भागलपुर, सितम्बर 10 -- भागलपुर, मुख्य संवाददाता। बिहार के रेशमी शहर की आर्थिक रीढ़ बाढ़ के थपेड़ों से टूट गई है। भागलपुर में गंगा की उफनाती लहरों और बाढ़ की विभीषिका ने न केवल लाखों लोगों को बेघर किया है, बल्कि यहां की पहचान माने जाने वाले तीन वैश्विक ब्रांड (तसर सिल्क, कतरनी धान और जर्दालू आम) के वजूद पर भी गहरा संकट खड़ा कर दिया है। बता दें कि तसर सिल्क, कतरनी धान और जर्दालू आम को जीआई टैग दिया गया है। कृषि और उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार की बाढ़ से भागलपुर की अर्थव्यवस्था को ऐसा झटका लगा है, जिससे उबरने में सालों लग सकते हैं। नाथनगर और चंपानगर के सिल्क हब इस समय पानी में पूरी तरह डूबे हुए हैं। आर्थिक मामलों के स्थानीय जानकार अधिवक्ता राजेश सर्राफ ने बताया कि भागलपुर का सिल्क उद्योग लगभग 50 फीसदी घरेलू और 50 प्रतिशत अंतरराष्ट...