फतेहपुर, अप्रैल 14 -- फतेहपुर, संवाददाता टीम। गंगा व यमुना में आने वाली बाढ़ के दौरान कई इलाके प्रभावित हो जाते हैं जहां नदियों का पानी भर जाने से आवागमन बाधित होता है वहीं मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। ऐसे में सालों बीत जाने के बावजूद मार्गों को दुरुस्त नहीं कराया जाता जिससे क्षेत्रीय लोगों को आवागमन में परेशानियां उठानी पड़ती हैं। जबकि जिम्मेदार विभाग महज क्षतिग्रस्त मार्गों की डिटेल भेजने तक सीमित होकर रह जाते हैं, नतीजतन ग्रामीणों को जर्जर मार्ग से आवागनम को मजबूर होना पड़ता है। वहीं बहुआ से यमुना नदी में हर साल आने वाली बाढ़ में क्षेत्र के पल्टूपुर, कोर्रा-ओती संपर्क मार्ग, ललौली-अढ़ावल संपर्क मार्ग, ललौली-उरौली संपर्क मार्ग आदि में यमुना का पानी पहुंच जाता है। जिससे यह मार्ग पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं, मार्ग के दुरुस्त न होने के क...
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