बाढ़ आश्रय स्थल खुद पड़ा है बेहाल
सहरसा, जून 25 -- महिषी। बाढ़ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये की लागत से बनाए गए बाढ़ आश्रय स्थलों की स्थिति इन दिनों चिंताजनक बनी हुई है। प्रखंड परिसर, महिषी उत्तरी, महिसरहो, समानी, लखनी, झाड़ा एवं सिसौना में बाढ़ आश्रय स्थलों का निर्माण कराया गया था। देखरेख की जिम्मेदारी पंचायतों को मिलने के बाद कुछ स्थानों पर मरम्मत तो हुई, लेकिन अतिक्रमण नहीं हट सका। तेलहर पंचायत के लखनी स्थित आश्रय स्थल में चापाकल चोरी हो चुका है तथा शौचालय भी जर्जर है। मुखिया योगेंद्र पासवान ने बताया कि अतिक्रमण हटाने के लिए सीओ से अनुरोध किया गया था। वहीं सीओ संजय कुमार ने कहा कि शीघ्र ही अतिक्रमण हटाने की दिशा में कार्रवाई होगी।
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