बाढ़ आई तो फिर विस्थापन का दर्द शुरू
सहरसा, जुलाई 18 -- महिषी, एक संवाददाता। कोसी और कमला बलान की बाढ़ महिषी प्रखंड के लोगों के लिए हर वर्ष बड़ी परीक्षा बन जाती है। सालभर की मेहनत से संवारे घरों में पानी घुसते ही लोगों को परिवार और मवेशियों के साथ ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर होना पड़ता है। प्रखंड के कुंदह, भेलाही, वीरगांव, बघवा, तेलवा पूर्वी-पश्चिमी, आरापट्टी, ऐना, झाड़ा, घोंघेपुर, मनोबर समेत 11 पंचायत पूरी तरह तथा चार पंचायत आंशिक रूप से बाढ़ से प्रभावित हैं। चारों ओर पानी फैल जाने से सड़क संपर्क टूट जाता है और नाव ही आवागमन का एकमात्र साधन बन जाती है। खेत-खलिहान जलमग्न होने से मवेशियों के चारे का संकट गहरा गया है। ग्रामीण जलकुंभी काटकर किसी तरह पशुओं का पेट भर रहे हैं। कई गांवों में बिजली सेवा भी बाधित हो गई है। सबसे अधिक परेशानी झाड़ा, घोंघेपुर, वीरगांव, मनोबर और बघ...
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