पाकुड़, मार्च 21 -- पाकुड़, प्रतिनिधि। भवन प्रमंडल के अभियंताओं की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। ताजा मामला बाज़ार समिति में अनाबद्ध योजना के तहत Rs.19,26,367.54 की लागत से निर्मित मुख्य गेट का है। लाखों की लागत से बना यह गेट राहगीरों के लिए 'मौत का द्वार' साबित हो सकता है। गेट के निर्माण में तकनीकी मानकों को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया है। चार बड़े और आठ छोटे पिलरों पर खड़े इस गेट में बिना प्लास्टर किए ही सीमेंट के सहारे सीधे ग्रेनाइट चिपका दिया गया है। शुरुआती में जांच के दौरान पहुंचे कार्यपालक अभियंता संजय कुमार ने कार्य की गुणवत्ता को दोषपूर्ण पाते हुए पिलर को तुड़वा दिया था। दोबारा निर्माण के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। ग्रेनाइट के गिरने के डर से विभाग ने इसे सीमेंट की मजबूती देने के बजाय वासर और कांट...
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