दरभंगा, दिसम्बर 14 -- दरभंगा शहर के मौलागंज व हसनचक दुर्गा मंदिर कुम्हार बाजार में देवी सरस्वती की मूर्तियां बननी शुरू हो चुकी हैं। कुंभकारों के परिवार के सदस्य मिट्टी गूंथने, पराली से ढांचा बनाने, सांचा फिटिंग आदि कार्य में जुट गए हैं। हालांकि, कुम्हारों के बाजार से खरीदारों की रौनक गायब है। फिलहाल मूर्तियों की उम्मीद के अनुसार बुकिंग नहीं हो रही है। मिट्टी के बर्तन, कुल्हड़, चूल्हा-भट्ठी, खिलौना, दीया, मूर्ति आदि की बिक्री भी अब हमेशा नहीं होती है। कई कुम्हार बताते हैं कि सालोंभर बिक्री वाला समय खत्म हुए दशकों बीत गए। पर्व-त्योहारों के भरोसे पुश्तैनी काम चल रहा है। इससे आर्थिक मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। शहर के मौलागंज व हसनचक दुर्गा मंदिर कुम्हार बाजार में देवी सरस्वती की मूर्तियों का निर्माण शुरू हो चुका है। कुंभकारों के पारिवारिक सदस्य...
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