देहरादून, अप्रैल 8 -- सरकारी सिस्टम का कारनामा देखिए, जो किताब एनसीईआरटी दिल्ली 65 रुपये में उपलब्ध करा रहा है, वही किताबें उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा विभाग 100 से लेकर 118 रुपये में बाजार में बेच रहा है। बाजार में उपलब्ध उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा से प्रकाशित कुछ किताबों में केवल कवर ही बदला गया, पूरा कंटेंट एनसीईआरटी का उठाया है, लेकिन कीमतें 35 से 53 रुपये बढ़ा दी हैं। अभिभावक सवाल उठा रहे हैं कि जब बाजार में एनसीईआरटी की किताबें उपलब्ध हैं तो किसके फायदे के लिए राज्य सरकार ने महंगी किताबें छपवा दीं। आरोप तो यह भी लग रहा है कि स्कूलों को एनसीईआरटी के बजाय उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा की किताबें खरीदने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। ऐसे में कमीशन के कटघरे में सरकारी सिस्टम खड़ा नजर आ रहा है। 'हिन्दुस्तान' ने बाजार में किताबों के दाम, पेज सं...