नई दिल्ली, फरवरी 25 -- नई दिल्ली। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने बुधवार को कहा कि प्रौद्योगिकी, खासकर कृत्रिम मेधा (एआई) बाजार निगरानी को मजबूत करने, जोखिम प्रबंधन बेहतर करने और निवेशकों में जागरूकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी। सेबी प्रमुख ने यहां आयोजित 'कोटक इन्वेस्टर कॉन्फ्रेंस' में वैश्विक एवं घरेलू संस्थागत निवेशकों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ने के साथ वृद्धि का अगला चरण केवल कारोबार की मात्रा और मूल्यांकन से नहीं, बल्कि बाजार की गुणवत्ता, कॉरपोरेट संचालन, पारदर्शिता, तरलता और संस्थागत मजबूती से तय होगा।
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