दरभंगा, जून 4 -- दरभंगा। एम्स के लिए चयनित भूमि का समतलीकरण नदियों की गाद(सिल्ट) से होगा। इस प्रस्ताव पर सरकार की हरी झंडी मिलने से पर्यावरणविदों के साथ किसानों में खुशी है। लोग दरभंगा एम्स निर्माण के बहाने बागमती और खिरोई नदी को नया जीवन मिलने की आस में हैं । नदियों की उड़ाही से प्राप्त गाद का उपयोग कर मिट्टी भराई कार्य के लिए जल संसाधन विभाग को प्राधिकृत किया गया है। साथ ही इसके लिए दरभंगा एम्स निर्माण स्थल के निकटवर्ती बागमती और खिरोई नदी से गाद निकालने के लिए 184.65 करोड़ की राशि स्वीकृत हुई है।बता दें कि एम्स निर्माण स्थल शोभन-एकमी बाईपास किनारे की भूमि से बागमती व खिरोई नदी की दूरी करीब एक किलोमीटर है। यह भी पढ़ें- खरीफ में 23.78 लाख हेक्टेयर इलाके में सिंचाई होगी इससे उड़ाही के बाद गाद निकालकर एम्स तक पहुंचाने में सहुलियत होगी। साथ ह...