जमशेदपुर, जून 10 -- जमशेदपुर। बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना, जिसका शिलान्यास 2015 में हुआ था और 2018 तक पूरी होनी थी, 11 साल बाद भी अधूरी है। समाजसेविका दुखनी सोरेन ने कहा कि झूठे आश्वासनों से जनता को गुमराह किया जा रहा है।उन्होंने घर-घर से एक मुट्ठी चावल लेकर जमशेदपुर से रांची तक पदयात्रा और विधानसभा घेराव की चेतावनी दी। साथ ही भ्रष्टाचार को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करने की बात कही। निरीक्षण में प्लास्टर ध्वस्त, काले ईंट व दीवारों में दरारें पाई गईं।आंदोलन में सुबोध झा, छोटेराय मुर्मू, संतोष जायसवाल सहित कई लोग शामिल हुए। यह भी पढ़ें- बागबेड़ा जलापूर्ति योजना पर फिर आश्वासन पर भरोसा टूटा

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