संवाददाता, अप्रैल 9 -- बागपत जिले के गांव मुकुंदपुर में एक अनोखा और भावुक दृश्य देखने को मिला। 24 वर्ष तक परिवार का हिस्सा रही गाय (गौरी) की अंतिम यात्रा पूरे सम्मान के साथ निकाली गई। ढोल-नगाडों की गूंज, पुष्प वर्षा और नम आंखों के बीच गौरी को अंतिम विदाई दी गई। परिवार के मुखिया देवेंद्र शर्मा ने बताया कि उन्होंने गाय पाल रखी थी। परिजनों ने प्यार से उसका नाम गौरी रखा हुआ था। उनके परिवार के लिए सिर्फ एक पशु नहीं, बल्कि मां के समान थी। गौरी की अंतिम यात्रा को खास तौर पर सजाया गया था। फूलों और गुब्बारों से सजी अर्थी के साथ पूरे गांव में शोभायात्रा निकाली गई और ग्रामीणों ने रास्ते भर पुष्प वर्षा कर उसे श्रद्धांजलि दी। बीते मंगलवार को उसका निधन हो गया। गौरी ने अपने जीवनकाल में लगभग डेढ़ दर्जन बच्चों को जन्म दिया। वे सभी आज आसपास के गांवों और रि...