लखनऊ, मार्च 30 -- लोहिया संस्थान में सोमवार को विश्व बाइपोलर दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने कहा कि इस बीमारी से करीब दो फीसदी आबादी प्रभावित है। ये दो प्रकार का होता है। पहला उन्माद है। जिसमें रोगी अत्यधिक उत्तेजित, अत्यधिक प्रसन्न या चिड़चिड़ा होने के लक्षण और दूसरे अवसाद में उदास, निराश और खालीपन महसूस करता है। डीन डॉ. प्रद्युम्न सिंह ने कहा कि इस बीमारी के आरंभ में पहचान होने पर इलाज उतना ही प्रभावी हो सकता है। रोगी सामान्य जीवन जी सकता है। डॉ. क्रिस्टोफर पीटर और डॉ. विशाखा श्रीवास्तव ने बताया कि इसमें दवा का सेवन लंबे समय तक चलता है। सीएमएस डॉ.विक्रम सिंह, डॉ. रिचा चौधरी, डॉ. अजय वर्मा, डॉ. जिलानी, डॉ. आकांक्षा शर्मा, डॉ. अनुरंजन विश्वकर्मा ने बीमारी के बारे में जानकारी साझा की।
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