फरीदाबाद, फरवरी 13 -- फरीदाबाद। थीम राज्य उत्तर प्रदेश के साथ आयोजित हो रहे सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला में इस बार बुंदेलखंड के बांदा जिले से आई शजर पत्थरों की कला पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रही है। प्राकृतिक आकृतियों से सजे इन दुर्लभ पत्थरों को देखने और खरीदने के लिए लोगों की भीड़ स्टॉल पर उमड़ रही है। यह बहुत ही किफायती दरों पर उपलब्ध हैं। बांदा से होकर बहने वाली केन नदी अपने साथ बहाकर लाती है शजर नामक विशेष पत्थर। इन पत्थरों की खासियत यह है कि इनमें प्रकृति खुद अपनी चित्रकारी करती है। किसी पत्थर पर नदी का दृश्य उभर आता है तो कहीं पहाड़, झरना या पेड़ों की आकृति दिखाई देती है। कुछ पत्थरों में पशु-पक्षियों की आकृतियां इतनी स्पष्ट नजर आती हैं कि मानो किसी कलाकार ने महीन ब्रश से चित्र बनाया हो। चांदी के आभूषणों में झुमकों व पेंडेंट क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.