नई दिल्ली, अप्रैल 1 -- 28 फरवरी को ईरान में शुरू हुए अमेरिका-इजरायल युद्ध ने पूरी दुनिया के सामने एक अभूतपूर्व ऊर्जा संकट खड़ा कर दिया है। खाड़ी क्षेत्र में तनाव के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन टूट चुकी है और कच्चे तेल व गैस की कीमतों में लगी आग से वैश्विक अर्थव्यवस्था झुलस रही है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से विश्व का करीब 20% तेल और गैस गुजरता है। यह लगभग पूरी तरह बंद है जिसके कारण दक्षिण एशिया के देशों में पेट्रोल-डीजल, एलपीजी और बिजली संकट गहरा गया है। इस वैश्विक उथल-पुथल के बीच दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में एक दिलचस्प बदलाव देखने को मिल रहा है। जिन पड़ोसी देशों- विशेषकर मालदीव और बांग्लादेश ने हाल के वर्षों में अपनी घरेलू राजनीति चमकाने के लिए भारत के खिलाफ मुखर बगावत की थी और 'इंडिया आउट' जैसे अभियान चलाए थे वे आज गहरे तेल और गैस संकट से जूझते ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.